बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की वोट गिनती की FINAL तारीख से पहले जाने कुछ खास बातें।
अभी बिहार में दोनों चरण की वोटिंग जो कि पहले phase में 6 नवम्बर और दूसरे phase में 8 नवंबर को हुई थी। कल 14 नवंबर को उसका final तारीख है , गिनती की जिसके बाद हमे पता चल जाएगा कि किसकी सरकार बनेगी बिहार में।

कौन – कौन सी पार्टियां मजबूत हैं?
बिहार में पहले से ही जंगल राज के बाद 20 सालों से NDA की सरकार रही है। 2025 की इस विधानसभा चुनाव में ज्यादातर उम्मीद है कि फिर से BJP के समर्थन से बिहार में NDA की सरकार बनेगी।
जन सुराज की सरकार के बारे में
जन सुराज के भी समर्थक बहुत है, लेकिन शायद पहली चुनाव होने के कारण और ये दो बड़ी गठबन्धन होने उनकी कोई उम्मीद नहीं दिखाई पड़ रही है।
चुनाव के एग्जिट पोल्स
इलेक्शन के दोनों चरणों के एक्जिट पॉल आ गए हैं। कभी NDA का पलड़ा भारी हो रहा है तो कभी महागठबंधन का उधर तेजस्वी यादव ने 18 को सपाट लेने तक की बात कह रखी है। अब कल ही पता चलेगा कि क्या होगा?
खास बाते गिनती से पहले की–
1. इस बार चुनाव क्यों खास है?
बिहार चुनाव 2025 कई वजहों से चर्चा में है:
राज्य की राजनीतिक दिशा बदलने की संभावना
युवा मतदाताओं की संख्या में तेज़ बढ़ोतरी
विकास, रोजगार और शिक्षा जैसे मुद्दों पर बढ़ती जागरूकत
पहली बार वोट करने वाले लाखों नए युवा
नए राजनीतिक गठजोड़, नई पार्टियों का उभरना
इस बार जनता मुद्दों पर ज़्यादा ध्यान दे रही है, न कि सिर्फ नेताओं के भाषणों पर।
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2. वोट गिनती से पहले EVM और VVPAT की सुरक्षा कैसे होती है?
वोट पड़ने के बाद EVM और VVPAT मशीनों को स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाता है।
ये रुम CCTV के तहत होते हैं और:
24×7 पुलिस सुरक्षा
उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों की निगरानी
किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को प्रवेश नहीं
स्ट्रॉन्ग रूम की चाबी आयोग के पास रहती है और नियम बेहद सख्त होते हैं।
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3. वोट गिनती के दिन की प्रक्रिया कैसी होती है?
मतगणना कई चरणों में होती है:
1. पोस्टल बैलेट की गिनती
2. EVM काउंटिंग
3. VVPAT स्लिप की यादृच्छिक गिनती (5 booth per constituency)
4. रुझानों की घोषणा
5. अंतिम परिणाम की आधिकारिक घोषणा
हर राउंड के बाद सभी उम्मीदवारों को फॉर्म-17C के जरिए रिपोर्ट दी जाती है।
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4. चुनाव आयोग किन नियमों को लेकर सख्त है?
वोट गिनती से पहले इन नियमों का पालन अनिवार्य है:
स्ट्रॉन्ग रूम में मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित
काउंटिंग सेंटर में केवल अधिकृत व्यक्तियों को प्रवेश
मीडिया रिपोर्टिंग के लिए तय गाइडलाइन
सोशल मीडिया पर गलत अफवाह फैलाने पर कार्रवाई
आयोग इस बार फेक न्यूज़ रोकने के लिए विशेष डिजिटल टीमें भी तैनात करता है।
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5. कौन-कौन रुझानों पर नज़र रखेगा?
मतगणना के दिन इन स्रोतों से लाइव अपडेट मिलते हैं:
न्यूज चैनल
चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट
जिला निर्वाचन कार्यालय
सोशल मीडिया हैंडल
लेकिन आधिकारिक आंकड़े सिर्फ चुनाव आयोग ही जारी करता है।